मस्तिष्क व शरीर की शांति
शरीर व मस्तिष्क की पुनःस्थापना
दैनिक जीवन की गतिविधियां हमारे तंत्र पर प्रभाव डाल सकती हैं, इससे हम थकान से भरे और तनाव के कारण मानसिक व शारीरिक रूप से प्रभावित होते हैं।.
चूंकि महत्वपूर्ण शाश्वत शक्ति का प्रवाह थम जाता है अथवा रूक जाता है, इसी कारण से हमारे तंत्र में गहरी थकान कोशिकाओं में स्थान जमा लेती है और तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित होता है।
तमरकोज़ का गहरा आराम, एक छोटी सी वैज्ञानिक तकनीक जिससे हम अपने गहनतम शारीरिक व मानसिक आराम को पा सकते हैं। इस प्रक्रिया का परिंणाम होता है शरीर व मस्तिष्क का संपूर्ण तनावरहित व उत्फुल्ल होना।
चूंकि इस तकनीक में शरीर व मस्तिष्क स्थिर रहते हैं, इसलिए शाश्वत शक्ति का उपयोग शारीरिक क्रियाओं व मानसिक सोच-विचार में नहीं होता और कोशिकाओं में ऊर्जा जमा होती है। इसी ऊर्जा से संपूर्ण तंत्र को नवजीवन मिलता है।
उस समय जब हमारे शरीर को वाकई आराम की ज़रूरत होती है, और आराम किये बिना हमारा मस्तिष्क काम नही कर सकता, लेकिन इस तेज भागते जीवन की रफ्तार हमें उस आराम का मौका नही देती। इसी समस्या का हल है तमरकोज का गहन आराम का अभ्यास।
कई बार हमें नींद की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है लेकिन कुछ-न-कुछ कारण होता है कि हम उस आराम की स्थिति को नही पा सकते। इस प्रकार की स्थिति के लिये पुनः उत्तर है तमरकोज का गहन आराम का अभ्यास। हम इसका प्रारंभ करते हैं अपने आप के समर्पण से, उस प्रक्रिया के प्रति जो हमें आराम प्रदान करेगी और हमारा अगला कदम होगा उस आनंदमयी सोच के विषय में विचार करना जिसमें नवीन दिवस प्रारंभ हो चुका है और जीवन के अभिनंदन हेतु हमें तैयार होना है।