'प्रेम की मधुर सुगंध, स्वर्ग की ताज़गी और टिमटिमाते तारों की चमक, ये सब वहां पर है जहां पर विनम्र आत्माएं विचरण करती हैं। अविश्वास से वास्तविक घटनाक्रम दृष्टिओझल हो जाता है। और आपकी आत्मिक मृदुता अपकी आत्मा के पुनर्जागरण हेतु प्रतिबद्घ होती है।''
आत्मिक संदेश
हज़रत सलाहेद्दीन अली नादर अंघा द्वारा